सुलझ गया बरमूडा ट्राएंगल का राज़!

वैज्ञानिकों ने सौ दशकों से रहस्य बनी बरमूडा ट्राइएंगल की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है।ये रहस्य अब तक कम से कम 75 विमानों और 100 से ज्यादा जहाजों को खा गया जिसमें कम से कम 1000 लोगों की जान जा चुकी है।

बरमूडा ट्राइएंगल जिसे शैतान के त्रिकोण के रूप में भी जाना जाता है, उत्तर पश्चिम अटलांटिक महासागर का एक क्षेत्र है जिसमें कुछ विमान और जहाज (surface vessels) गायब हो गए हैं।  लोगों के अनुसार बरमुडा ट्राइएंगल एक अनसुलझी पहेली है जहां जाना आत्महत्या करने के बराबर है। इसलिये कोई भी यहां जाने की हिम्मत नही कर पाता। धरती में मौजूद सबसे खतरनाक स्थानों में से एक बरमूडा ट्राइएंगल को शैतानों का टापू भी कहा जाता है।

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि हेक्सागोनल बादल की वजह से वहां ऐसा हुआ है। बता दें कि बीते 100 साल में बरमूडा ट्राइएंगल के आसपास करीब 100 से ज्यादा छोटे-बड़े पानी के जहाज गायब हुए हैं जिन पर सवार 1000 से ज्यादा लोग कभी वापस नहीं आए। इस रहस्य की वजह से कई लोगों ने ये भ मान लिया था कि वहां एलियन देखें गए हैं।

वैज्ञानिकों ने कुछ बादलों को इस रहस्य का कारण बताया है। इन बादलों को Hexagonal clouds नाम दिया गया है। ये हवा में एक बम विस्फोट की मौजूदगी के बराबर शक्ति रखते हैं और इनके साथ 170 मील प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं होती हैं। ये बादल और हवाएं मिलकर पानी और हवा में मौजूद जहाजों से टकराते हैं जो फिर कभी नहीं मिलते।

तेज रफ्तार की हवाएं ऐसे बादलों को जन्म देती हैं। ये बादल बहुत खतरनाक होते हैं और साथ ही बहुत शक्तिशाली भी होते हैं। ये बादल आपस में टकराते हैं और विस्फोट करते हैं जिससे आस-पास की चीजें तहस-नहस हो जाती हैं। वैज्ञानिकों को अनुसार ऐसा ही कुछ हुआ जिससे इतने भारी मात्रा में जहाज गायब हो गए।

Source nyusu
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