ग्रीन टी पीने के नुकसान भी हो सकते हैं. इसके अपने साइड इफेक्ट हैं.

अभी तक आपने ग्रीन टी के फायदों के बारे में ही जाना होगा लेकिन क्या आप जानते हैं ग्रीन टी पीने के नुकसान भी हो सकते हैं. इसके अपने साइड इफेक्ट हैं.

ग्रीन टी पीने से नर्वसनेस बढ़ सकती है और पेट भी गड़बड़ हो सकता है. ग्रीन टी में मौजूद कैफीन से भी कई हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं. साथ ही ग्रीन टी में मौजूद कई तत्‍व भी हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. जानिए, किन लोगों के लिए ग्रीन टी अधिक नुकसानदायक हो सकती है.
green tea

ग्रीन टी की 227 ग्राम चाय में 24 से 45 मिलीग्राम तक कैफीन होती है. बहुत ज्यादा कैफीन का सेवन करने से हार्ट बीट अनियमित हो जाती है. नर्वसनेस बढ़ जाती है. बहुत ज्यादा चिड़चिड़ापन होने लगता हैं. डायबिटीज के मरीज यदि अधिक कैफीन का सेवन अधिक करते हैं तो उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता हैं. यहां तक की दस्त भी होने लगते हैं.

यदि आपको ऑस्टियोपोरोसिस है या फिर हड्डियों की समस्या है तो ग्रीन टी आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है. ग्रीन टी आपको एक सीमित मात्रा में पीनी चाहिए. किसी भी समस्या से बचने के लिए आपको दिनभर में 4 - 5 कप से ज्यादा ग्रीन टी का सेवन नहीं करना चाहिए.

गर्भवती महिला को 2 या इससे कम ही ग्रीन टी लेनी चाहिए. कैफीन की अधिक मात्रा का सेवन मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है. अधिक कैफीन के सेवन से मिसकैरेज तक की नौबत आ सकती है. प्रेग्नेंसी के दौरान कैफीन की कितनी मात्रा लें इसको लेकर कन्फ्यूजन हैं तो अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें.

ग्रीन टी में मौजूद टैनिन आपके पेट को खराब कर सकता है क्योंकि ग्रीन टी पीने से पेट में एसिड अधिक बनने लगता है. जिन लोगों को पेट की समस्या रहती है खासतौर पर एसिडिटी होती है उन्हें ग्रीन टी पीने से बचना चाहिए.

अक्सर छाती में जलन की शिकायत करने वाले लोगों के लिए ग्रीन टी नुकसानदायक हो सकती है. ऐसी स्थिति में ग्रीन टी को किसी फूड के साथ लें. खाने से ठीक पहले ग्रीन टी पीने से आपको अधिक समस्या हो सकती हैं. ऐसे में सिर्फ ग्रीन टी ना पीएं.

ग्रीन टी को दूध के साथ भी पी सकते हैं इससे एसिड बनना कम होगा. यदि ग्रीन टी पीने से पेट में गड़बड़ लग रही है तो एंटासिड का सेवन करना चाहिए. इससे पेट को आराम मिलेगा.

जिन लोगों को एनीमिया की समस्या है उन्हें भी ग्रीन टी के सेवन से बचना चाहिए. एनीमिया के कारण ही आयरन की कमी हो जाती है, इसी कारण हिमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती हैं. यदि आयरन की कमी है तो फूड के साथ ग्रीन टी ना लें. बल्कि खाने के बीच में ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं ताकि बॉडी आयरन ऑब्सर्व कर ले.

मोतियाबिंद से पीड़ित लोग यदि ग्रीन टी का सेवन करते हैं तो 30 मिनट के अंदर-अंदर उनकी आंखों पर दबाव पड़ने लगता है. इस बीमारी में ग्रीन टी का सेवन करने से ये और बढ़ सकती है. मोतियाबिंद आंखों से संबंधित ऐसी बीमारी है जो ऑप्टिक तंत्रिका को प्रभावित करता है. इसके बढ़ने पर अंधापन भी हो सकता है.




बहुत सारी ऐसी दवाएं हैं जिनमें ग्रीन टी का सेवन करने से शरीर में साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. सांस संबंधी बीमारियों के लिए ली जाने वाली इफेड्रिन के साथ ग्रीन टी ना लें. इससे अनिंद्रा की बीमारी और नर्वसनेस हो सकती है. ग्रीन टी को क्लोजैपाइन और लिथियम जैसी ड्रग्स के साथ भी नहीं लेना चाहिए. इससे दवाओं का असर कम हो जाता है. ग्रीन टी को मोनोमाइन ओक्सीडेस और स्टीरियोआइसोमर जैसी ड्रग्स के साथ भी नहीं लेना चाहिए. इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है.

यदि आप एंटीबायोटिक्स ले रहे हैं तो भी ग्रीन का सेवन करने से बचना चाहिए. इसके अलावा गर्भनिरोधक गोलियों, डिसुलफिरम, फ्लुवोक सालमाइन जैसी दवाओं के सेवन के दौरान भी ग्रीन टी पीना नुकसानदायक हो सकता है.

Source: Abp


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